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प्रचालन

विभागाध्यक्ष (प्रचालन) की अध्यक्षता में प्रचालन विभाग डी.सी.आई. का कार्यक्षेत्र प्रधान विभाग है और डी.सी.आई. की संविदात्मक अनिवार्यताओं को पूरा करने हेतु निकर्षण प्रचालनों को संभालने का उत्तरदायी है| उपर्युक्त दायित्वों को निभाने में अन्य सभी विभाग प्रचालन विभाग की समर्थनात्मकसेवा करेंगे| प्रचालन विभाग, हाथ में लिए गए विविध परियोजनाओं के अनुश्रवणन और नियंत्रण का उत्तरदायी है| प्रचालन विभाग सभी जलयानों के साथ-साथ सभी परियोजना कार्यालयों पर भीनियंत्रण रखता है|परियोजना-प्रभारी (प.प्र.) परियोजना कार्यालयों के प्रधान अधिकारी हैं औरमास्टरजलयानों के| डी.सी.आई. के सभी जलयानों के मास्टर परियोजना-प्रभारियों को रिपोर्ट करेंगे और वे विभागाध्यक्ष (प्रचालन) को रिपोर्ट करेंगे ।


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प्राविधिक

डीसीआईएल का प्राविधिक विभाग, डीसीआईएल की संविदात्मकअनिवार्यताओं को पूरा करने के लिए निकर्षण प्रचालनों को संभालने हेतु डीसीआई केनिकर्षकों/जलयानों के अनुकूलतम निर्वाह को सुनिश्चित करने के लिए अभियंताकेंद्रक के रूप में कार्य करता है| यह विभाग सभी प्रयोज्यराष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय नियमों और विनियमों के अनुसार निष्पादन करने के लिएसांविधिक निकायों से सम्पर्क बनाए रखता है| यह विभाग मास्टरों और मुख्य अभियंताअधिकारियों को निकर्षक पटल पर के सभी मशीनों और उपस्करों की उपलब्धता तथा दक्षता कोउच्चतम सीमा तक बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन भी देता है| डीसीआईएल द्वारा प्रदान की जानेवालीनिकर्षण सेवाओं के लिए यह रीढ़ की हड्डी बनता है|


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सामग्री विभाग

अनुमोदित आपूर्तिकारों / विक्रेताओं के रूप मेंड्रेजिंग कार्पोरेशन ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड में पंजीकरण करने के लिए निम्नलिखित समूहों / मदों के वर्गों की आपूर्ति करने में सुस्थापित योग्य निर्माताओं / डीलरों / आपूर्तिकार ठेकेदारों से ड्रेजिंग कार्पोरेशन ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड में आवेदन आमंत्रित हैं|


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सूचना प्रौद्योगिकी

पूरे नौबेड़े और ड्रेजिंग कार्पोरेशन ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड (डीसीआईएल) के कार्यालयों में सही सूचना प्रौद्योगिकी का निर्वाह और सूचना प्रौद्योगिकी समर्थ सेवाओं की व्यवस्था करना|


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विपणन

यद्यपि वर्ष 1999 में इस निगम के विपणन-कार्य प्रचालन विभाग के संविदा एकक द्वारा किए जा रहे थे, फिर भी निकर्षण विपण को अंतर्राष्ट्रीय निकर्षण कम्पनियों के लिए खुला रखने की सरकारी नीति को दृष्टि में रखते हुए विपणन कार्यकलापों पर ज्यादा ध्यान देने के लिए विपणन विभाग को अलग से गठित किया गया है| इस विपणन विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि देशीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध निकर्षण अवसरों पर अधिक ध्यान दिया जाए ताकि लाभकारी निकर्षकों का परिनियोजन सुनिश्चित किया जा सके और अपने विपणन को भारत के बाहर भी फैलाया जा सके तथा वहाँ के बाजार में सही संगमित स्थिति स्थापित की जा सके|


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स्वास्थ्य, संरक्षा एवं पर्यावरण (स्वा.सं.प.)

“अंतर्राष्ट्रीय संरक्षा प्रबंधन (अं.सं.प्र.) संहिता” के अनुसार ‘अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (अं.स.सं.)’ ने संरक्षा प्रबंधन प्रणाली (सं.प्र.प्र.) के कार्यान्वयन और प्रचालन का निरीक्षण कर उसके द्वारा जहाजों का संरक्षात्मक प्रचालन और प्रदूषण नियंत्रणसुनिश्चित करने हेतु एक समर्पित अं.सं.प्र. कक्ष के गठन की व्यवस्थाएँ कीं| इस संहिता का कार्यान्वयन दिनांक 1 जुलाई,2002 को लागू हुआ| तदनुसार ही, अं.सं.प्र. कक्ष का गठन किया गया और संरक्षा प्रबंधन प्रणाली को सभी जलयानों पर कार्यान्वित किया गया| डीसीआई को नौवहन महा निदेशक, भारत सरकार, द्वारा अं.सं.प्र. के लिए अनुपालन प्रलेख (अ.प्र.) जारी किया गया|


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आंतरिक लेखा-परीक्षा

लेखा-परीक्षा वित्तीय नियंत्रण का एक उपकरण है|यह निगमित उद्देश्यों की प्राप्ति में उनके वित्तीय स्वामित्व को सुनिश्चित करने के लिए इस कम्पनी के कार्यों / लेन-देनों का स्वतंत्र निर्धारण है| डीसीआई एक सूचीकृत केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्रीय समवाय होने के नाते, यह तीन प्रकार की लेखा-परीक्षाओं के अधीन है|


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