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निर्माणगत निकर्षण

जलक्षेत्रों में / जलक्षेत्रों के इर्द गिर्द क्षेत्रों में अभिकल्पित गहराई को बनाने के लिए, कोरी मिट्टी को निकल देने की प्रक्रिया को निर्माणगत निकर्षण कहते हैं |

डीसीआई के लिए भारत / विदेश में निर्माणगत निकर्षण की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तीन कर्तक चूषण निकर्षक हैं |

पिछले 10 वर्षों में संभाली गईं प्रधान निर्माणगत निकर्षण परियोजनाएँ

निर्वाहगत निकर्षण

हर पत्तन या बंदरगाह की रूप-कल्पना, जहाजों के संरक्षात्मक प्रवेश और निष्क्रमण के लिए निर्धारित, उसके जलमार्ग में नाव्य गहराई या जल निकायों सहित ही की जाती है | यह गहराई समय-समय पर, समुद्र तटवर्ती प्रवाह, अधोजलीय प्रवाहों, तरंगों और ज्वारीय प्रवाहों इत्यादि के प्रभाव से अवसादों और अन्य वस्तुओं के जम जाने के कारण कम होती जाती है, जो हर पत्तन / बंदरगाह में भिन्न-भिन्न होती है और गाद के जम जाने की गति के आधार पर होती है | इसकी गहराईको फिर से ला रखने के लिए, जम गई मिट्टी को हटा देना, कई पत्तनों और बंदरगाहों में अनिवार्य हो जाता है | इस प्रकार जम गई मिट्टी को निकाल देने की प्रक्रिया को निर्वाहगत निकर्षण कहते हैं |

डीसीआई भारत के सभी महा पत्तनों के निर्वाहगत निकर्षण की अपेक्षाओं को पूरा करने के पूरे उपस्कर रखता है|

पिछले 10 वर्षों में संभाली गईं प्रधान निर्वाहगत निकर्षण परियोजनाएँ

तट पोषण

समुद्र तटीय किनारा विविध कारणों से अवसादों के जमा होने / अपरदन पर आधारित रहता है | फिर भी, जब अपरदन की गति जमा होने की गति से ज्यादा हो तो समुद्र तट को जमा बनाए रखने की अपरदनगत मात्रा को फिर से जोड़ने की आवश्यकता है | समुद्र तटीय अवसादों को आसपास के क्षेत्रों से जमा कर रखने की प्रक्रिया को तट पोषण कहते हैं |

डीसीआई के ड्रेज-12 और ड्रेज-14, 2400 मीटर की दूरी तक तट पम्पन की क्षमता रखते हैं और ड्रेज-16 और ड्रेज-17,ड्रेज19, ड्रेज-20 और ड्रेज-21 2500 मीटर की दूरी तक इंद्रधनुषी सुविधा से तट पम्पन करने की क्षमता रखते हैं |

तट पोषण संबंधी सुपुर्द कार्य

भूमि-उद्धार

जलक्षेत्रों के निचले या आसपास के क्षेत्रों में कृत्रिम भूमि के सृजन और भूमि के स्तर को बढ़ाने की प्रक्रिया को “भूमि उद्धार” कहते हैं | उसमें भरने की मिट्टी को साधारणतया आसपास के जलीय क्षेत्रों से लिया जाता है ताकि जलीय क्षेत्रों की गहराई को सुधारा जा सके और साथ ही भूमि के सृजन के लिए उसका प्रयोग किया जा सके |

डीसीआई के कर्तक चूषण निकर्षक और अनुगामी चूषण हॉपर निकर्षक ड्रेज-12, ड्रेज-14, ड्रेज-16 और ड्रेज-17, ड्रेज-19, ड्रेज-20 और ड्रेज-21 भूमि उद्धार के प्रयोजनार्थ सक्षम हैं |

निष्पादित भूमि उद्धार संबंधी कार्य

उथले जलीय निकर्षण

डीसीआई भारत के सभी महा पत्तनों के निर्वाहगत निकर्षण की अपेक्षाओं को पूरा करने के पूरे उपस्कर रखता है|

निष्पादितउथले जलीय निकर्षण संबंधी कार्य

परियोजना परामर्श

डीसीआई भारत के सभी महा पत्तनों के निर्वाहगत निकर्षण की अपेक्षाओं को पूरा करने के पूरे उपस्कर रखता है|

निष्पादित परियोजना प्रबंधन परामर्श संबंधी कार्य

समुद्री निर्माण

DCI is fully equipped to cater to the maintenance dredging requirements of all major Ports in India.

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